Wednesday, May 13, 2020

कलम दुःख हरना भी जानती है 



बचपन से मेरी माँ मुघसे कहती है कि बेटा कलम की ताकत का अंदाजा लगाना असंभब है |  इस कथन से शायद वो मुघे बताना चाहती है कि कलम इस संसार मे सबसे ज्यादा ताकतवर होती है | उनका कहना कितने प्रतिशत सत्य है यह तो मुघे भी नहीं पता | परन्तु मेरे जीवन मे कलम का किरदार थोड़ा अलग है |  मेरे लिए कलम का मतलब है रामबाण औषधि | 

अब आपको आश्चर्य होगा कि भला साधारण सी दिखने वाली एक कलम रामबाण औषधि कैसे हो सकती  है ?  कलम रामबाण औषधि कैसे होती है इसे समझने से पहले हमें रामबाण औषधि को समझना होगा | जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रामबाण औषधि ही एक मात्र ऐसी औषधि है  जो किसी भी व्यक्ति के सभी शारीरिक कष्ट  हरने मे समर्थ होती है | पर तनिक विचार कीजिये कि क्या हमें सिर्फ शारीरिक कष्ट ही होता है हमारे मानसिक कष्टों का क्या ?

 अब यदि कोई कष्ट है तो निवारण भी तो होना ही चाहिए | पर  जिस प्रकार कष्ट अलग अलग है, उनके उपचारो का अलग होना भी  स्वाभाविक है | तन का दुःख जाता है कुछ ग्रहण करने से पर मन का दुःख जाता है व्यक्त करने से | अब प्रश्न यह कि है कि अपना दुःख किससे व्यक्त किया जाए तो विचार कीजिये क्या आपके जीवन मे आपका आपसे अच्छा कोई साथी है यदि नहीं तो उठा लीजिये कलम और बना लीजिये उसे अपनी  रामबाण औषधि और इसी  औषधि के सहारे अपने सारे दुःखों को व्यक्त कर दीजिये एक कागज पर और अपने मन को पहले की ही तरह भर लीजिये एक नई  उम्मीद से | क्योंकि उम्मीदें कभी हारा नहीं करती | 



सुरभि गुप्ता   

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